वचन के द्वारा प्रभुत्व करें

एक मसीह होने के नाते आपका यह विवेक की सच में आप एक राजा है और कोई सहायताहीन, जरूरतमंद नहीं है, आपके संपुर्ण जीवन जीने के तरिके को बदल कर रख देती है। ऐसा न कहें की “मैं राजा हूँ, मगर मेरा जीवन ऐसा क्यों है? मेरे जीवन में कुछ भी अच्छा क्यों नहीं हो रहा है?” बेशक, जिन्होने भी ऐसी बातें की है, उन्होंने वचन पर विश्वास नहीं किया है; वे जो है, उन्होने उस सच्चाई को ग्रहण नहीं किया है।


आप एक राजा है क्योंकि परमेश्वर ऐसा कह रहा है; आप क्या अनुभव करते है, इस सच्चाई का आपके अनुभव से कोई नाता नहीं है। अब आपको बस राजा के समान जीने की जरूरत है। राजा राज करता है; तो अब आप राज करना शुरू कर दें। क्या आपने कभी यह सोचा है कि राजा कैसे राज करता है? वे अपने शब्दों के द्वारा राज करते है। बाइबल बताती है कि “…राजा के वचन में तो सामथ्र्य रहती है…”(सभोपदेशक 8:4);एक ऐसी सामथ्र्य जो परिवर्तन ला दे; एक ऐसी सामथ्र्य जो आप कहते है, वे हो जाए!

निर्णय लें कि आप राजा के समान चलेंगे, बात करेंगे और प्रार्थना करेंगे। यह आपके सोच से शुरू होती है। दर्पण में देखें और जो दुसरी तरफ खड़ा है उससे कहें “तुम राजा हो; राजा के समान राज करो!”


एक बात तो पक्की हैः राजा अपने अधिकार और प्रभुत्व का प्रयोग करता है। सबसे खुबसुरत बात तो यह है कि राजा के समान आपका अधिकार प्रभु यीशु वाली है; वही है जिसने आपको राजा बनाया है। यही कारण है कि आपके पास दुष्ट की शक्तियों पर प्रभुत्व और राज्य करने का सामथ्र्य है।

निचलें स्थर और साधरण जीवन जीने से इन्कार कर दें। उदारहण के लिए मानें कि अगर आपको अपने घर के लिए चुनौतियों का सामना करना पर रहा है तो, अपने आप से कहें “एक राजा के लिए बेघर होना ठिक नहीं!” फिर जिस प्रकार का आपको घर चाहिए वैसा घोषणा करना शुरू कर दें। अगर आपको काम की तलाश है, तो अब समय है उसका निमार्ण करने का; घोषणा करना शुरू कर दे। जैसे ही आप इन बातों का घोषणा करना शुरू करेंगे, यह घोषणाऐं आपको प्रेरित करेंगी की आप सही कदम उठाए, यह आपको सही स्थान पर ले जाऐंगी, और आपके लिए एक सही हालात पैदा करेगी ताकी आपकी हृदय की इच्छा आत्मा के सामथ्र्य से पुरी हो जाऐं।


यीशु ने मरकुस 11:23 में कहा, “…जो कहता हूँ वह वह हो जाएगा…” राजाओं का यही भाग्य है; वे खोखले शब्द नहीं बोलते; वे परिस्थितियों का सामना अपने शब्दों से करते है। अय्यूब 22:28 कहता है “ जो बात तू ठाने वह तुझ से बन भी पड़ेगी…” आपके मुँह में सामथ्र्य है; आपके जीभ में प्रभुत्व है; शब्दों के द्वारा अपने जीवन में प्रभुत्व और राज करें।

प्रार्थना और घोषणा

मै अपने जीवन में राजा के समान राज्य करता हूँ। मैं घोषणा करता हूँ और चिजें मेरे लिए होने लगती है, क्योकि मेरे जीभ में परमेश्वर का वचन, परमेंश्वर के समान है। मेरा निर्माण राज्य और प्रभुत्व करने के लिए हुआ है! परमेश्वर के नाम को महिमा मिलें!

REIGNING THROUGH WORDS

As a Christian, the consciousness or realization that you’re actually a king, and not a helpless, needy commoner, will completely change the way you live. Don’t think or say, “If I’m truly a king, why is my life like this? Why aren’t things working out right?” Evidently, those who talk that way haven’t believed the Word; they haven’t accepted who they are.

You’re a king because God says you are; it has nothing to do with what you might be experiencing. What you need is to practice living as a king. Kings reign; so, start reigning. Have you ever thought, how do kings reign? They reign through words. The Bible says, “Where the word of a king is, there is power…” (Ecclesiastes 8:4); power to effect changes; power to make what you say come to pass.

Decide that you’re going to walk, talk, pray and live as a king. It begins with your mentality. Look into the mirror and tell the person on the other side of the mirror, “You’re a king; rule and reign as one!”

One thing is sure: Kings exercise dominion and authority. The most beautiful part is that your authority as a king is that of the Lord Jesus; He’s the One that made you a king. Therefore, you have every right to exercise dominion, and “king” over the devil and the forces of life.

Refuse the low or ordinary life. If, for instance, you’ve been having a challenge of accommodation, it’s about time you said to yourself, “It’s not right for a king to be homeless!” Then start speaking words that’ll create the kind of accommodation that you want. If you’ve been in search of a job, it’s time to create one; start speaking and issuing decrees. As you do, these words will cause you to take actions that are necessary, position you, and create the right conditions and circumstances for the fulfillment of your desires, through the power of the Spirit.

Jesus said in Mark 11:23, “You shall have what you say”; that’s the destiny of kings; they don’t speak empty words; they take charge of situations with the word of faith in their mouth. Job 22:28 says, “Thou shalt also decree a thing, and it shall be established unto thee….” There’s power in your mouth; there’s dominion in your tongue; reign and rule as a king in life, with words.

PRAYER & DECLARTION

I reign as a king in this life, altering situations and circumstances in my favour. I make decrees and they’re established, for the Word of God on my lips is God talking. I’m royalty. I’m destined to rule and reign in life. Glory to God!