शिकारी खुद शिकार बन जाएगा !

क्या आपको पता है कि विश्वासी होने के कारण आप बेहद ही “आलौकिक साधरण” है और शत्रु के ऊपर आपका अधिकार है ?


शैतान सच में है, जो “…गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है कि किस को फाड़ खाए”(1पतरस 5:8)। लेकिन विश्वासी होने के कारण, हमें डर में जिने के लिए बुलाया नहीं गया है, क्योंकि परमेश्वर का वचन हमारे लिए यह घोषणा करता है कि “…जो तुम में है वह उस से जो संसार में है, बड़ा है”(1यूहन्ना 4:4)

मसीह में, हमारे पास शत्रु और उसके दल के ऊपर पुरा अधिकार है। मसीह में, साँपो और बिच्छुओं को कुचलने का अधिकार है। बेहेलियों की जाल में बेहेलिये खुद फस जाऐंगे और शिकारी शिकार बन जाएगा। इस खतरनाक संसार में हमारी जिम्मेदारी निष्क्रिय और उदासीन बनकर, गरजते हुए सिंह का शिकार बनना नहीं है। हमेें गरजते हुए सिंह का शिकार करने के लिए सभी प्रकार के अधिकार और सामथ्र्य दिए गए है !


बाइबल हमें शिमशोन के बारें बताती है कि कैसे जब वह तिम्रां की दाख की बारी के पास था तभी “एक जवान सिंह गरजने लगा”(न्यायियों 14:5)। अब जरा आप सोचे की जब आपके आगे शेर आ जाए, तो आप क्या करेंगे ?


हमें से अधिकतर लोग वहाँ से भागेंगे या फिर वही मरे हुए के समान बन जाऐंगे लेकिन शिमशोन उससे लड़ने के लिए खड़ा हुआ और परमेश्वर का वचन हमें उसके बारें में गवाही देता है कि: “तब यहोवा का आत्मा उस पर बल से उतरा, और यद्दपि उसके हाथ में कुछ न था, तौभी उसने उसको ऐसा फाड़ डाला जैसा कोई बकरी का बच्चा फाड़े”(न्यायियों 14:6)। इसे कहते है अधिकार! शिकारी शिकार करने तो आया मगर वह खुद शिकार बन गया।


कुछ समय के बाद, शिमशोन उस सिंह के शव के पास से गुजर रहा होता है और उसे मधुमखियों की झुण्ड और उसमें मधु दिखाई देता है। तो वह उसमें से कुछ मधु निकाल कर खा लेता है। इसी अनुभव के कारण वह इस पहेली के साथ आता है “खानेवाले में से खाना और बलवन्त में से मीठी वस्तु निकली।”(न्यायियों 14:14)

चर्च इसे समझे, शेर का खाना बनने के बजाए, शिमशोन को उससे मिठा खाने को प्राप्त होता है। हमारे लिए आज की आत्मिक सच्चाई क्या है ? शत्रु के हरेक नकारत्मक हमले से परमेश्वर आपके लिए आज कुछ मिठा बनाएगा। आपका दानव और शत्रु आपकी रोटी बन जाएगी। परमेश्वर आपके विपत्ति को मिठे मधु में बदल डालेंगा !

आज जो आपको मारने के लिए आ रहा है, कल वह आपके प्रावधान का कारण होगा !

प्रार्थना और घोषणा

परमेश्वर मैं आपको धन्यवाद देता हूँ कि आपने मुझे शिकार नहीं बल्कि शिकारी बनाया है! यीशु ने मुझे वह सबकुछ दिया है, जिससे कि मैं शत्रु के हरेक हमलों का सामना कर सकूँ! उसने मुझे अपना वचन और पवित्र आत्मा दिया है, उसने मुझे सामथ्र्य और पवित्र आत्मा से अभिषेक किया है। मेरा जीवन विजय का जीवन है। मेरा हरेक शत्रु मेरा भोजन बनने पर है, यीशु के नाम से, आमीन !

HUNTER WILL BE THE HUNTED !

Do you know that as a believer in Christ, you are extremely supernatural natural and you have authority over the enemy?

The devil is for real , who as a roaring lion, walketh about, seeking whom he may devour(1 Pet. 5:8). But we, as believers, are not called to cower in fear, for God’s eternal Word proclaims that greater is he that is in you, than he that is in the world(1 John 4:4).

In Christ, we have authority over the devil and all his cohorts. In Christ, we have authority to tread upon the lion and the cobra. The fowler’s snares shall be foiled and the hunter shall be the hunted. Our role in this increasingly dangerous world isn’t to be passive and indifferent, waiting to be devoured by the roaring lion. We are endued with power and authority to hunt down the roaring lion !

The Bible records the account of how Samson was in the vineyards of Tinman when suddenly “a young lion roared against him” (Judg. 14:5). Now, what would you do if you were suddenly ambushed by a lion ?

While most of us would probably either take flight or freeze, Samson instinctively rose to fight and Word of God testify that :  the Spirit of the Lord came mightily upon him, and he rent him as he would have rent a kid, and he had nothing in his hand(Judg. 14:6). Now, that’s taking authority! The hunter came at Samson but found itself the hunted!

Sometime later, Samson passed by the lion’s carcass and saw a swarm of bees and some honey in it. So he scooped out some of the honey and ate it. It was from this experience that Samson came up with this riddle,Out of the eater came forth meat, and out of the strong came forth sweetness(Judg. 14:14).

Listen Church, instead of being eaten by the lion, Samson obtained something sweet to eat. What is the spiritual truth for us today? Out of every evil and negative thing the devil throws at you today, God will make something sweet for you. Your giants will be as bread to you. God will turn every bitter adversity into sweet honey for you !

What coming to kill you today will be the reason of provision tomorrow !

PRAYER & DECLARATION

God I thank you that you haven’t left me to be hunted but you made me a hunter! Jesus has given me everything to withstand every enemy attack! He has given me His Word and the Holy Spirit, He has anointed me with power and the Holy Spirit. My life is a life of victory. Every enemy of mine is becoming my food, in the name of Jesus, Amen !