उसका वचन = आपका मूल्य


कुछ लोग अपना मुल्य, उनके पास कितनी संपति है, यह देखकर लगाते है। तो वे हमेशा अपने धन और अपने बचत खाता जो उनके बैंक में है, की ओर देखते रहते है। अगर आपने अपना मुल्य धन के अनुसार लगाया है, तो आप बहुत बड़े खतरे में है। आप कैसे अपना मुल्य एक ऐसे चिज पर रख सकते है जो बहुत ही अस्थायी है ? पिछले साल तक जो लोग अपने धन का आनंद उठा रहे थे, वे आज कोविड 19 के कारण सबकुछ खोने के कागार पर है। क्या ऐसे अस्थायी चिजो पर अपना मूल्य और अपनी पहचान रखना योग्य है?

आपका सच्चा मूल्य परमेश्वर का वह वचन है जो आपके आत्मा में है। यह आपको जानना जरूरी है और आपके अंदर परमेश्वर का वचन होना जरूरी है। अगर आपके अंदर परमेश्वर का वचन है, इससे कोई फ्रक नही पड़ता की आपके आस-पास क्या चल रहा है; आप हमेशा सफल जीवन को जीऐंगे! आप नूह के समान पानी के ऊपर तैरते रहेंगे। जैसे-जैसे पानी बढती गयी और लोगो को डूबाती गयी, वही पानी नूह को ऊपर उठाती गयी। यह बात, यह दिखाती है की जो परिस्थितियाँ लोगो के व्यापार और धन को डूबाने का कारण है, वही आपको ऊपर उठाने का कारण बन जाएगी।


आपको अपने जीवन के हरेक श्रेत्र और पल में विजय जीवन जीने के लिए क्या करना चाहिए? उसके वचन को अपने अंदर जमा करना चाहिए। अगर आप अपने अंदर परमेश्वर के वचन को जमा करते रहेंगे, तो एक ऐसा समय आएगा कि लोग आपकोे देखकर पुछेंगे कि, “यह किस प्रकार का मनुष्य है?”, क्योंकि परिस्थिति कुछ भी क्यों न हो, आप हमेशा ऊपर रहेंगे।


कुलिस्सियो 3:16 कहता है कि “मसीह का वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, ओर अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ”। आपकी आत्मविश्वास केवल इस पर होना चाहिए कि आपके अंदर कितना परमेश्वर का वचन है ना कि इस पर की आपके पास कितनी संपति है। जैसे जैसे आप परमेश्वर के वचन को अपने ऊपर राज्य करने देंगे, उसका वचन आपको हरेक परिस्थिति में विजय की मानसिकता देगा। आप हमेशा मजबुत और बेफिक्र रहेंगे