विश्वास का संदेश

जब यीशु ने लोगो को अपनी सेवा दी, तो उसके सुननेवालों में विश्वास मानों जीवित हो गया हो। उसने लोगो को यह बताया की परमेश्वर कौन है, उसकी ईच्छा क्या है, और उसने उनके लिए पहले ही से क्या प्रबंध कर दिया है। उसने कहा, “माँगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढँूढ़ो तो पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा”(मत्ती 7ः7)। मरकुस 11ः22-23 में, उसने लोगो को यह कहते हुए सिखाया, “परमेश्वर पर विश्वास रखो। मैं तुम से सच कहता हूँ कि जो कोई इस पहाड़ से कहे, तू उखड़ जा, और समुद्र में जा पड़, और अपने मन में सन्देह न करे, वरन् प्रतीति करे कि जो कहता हूँ वह हो जाएगा, तो उसके लिये वही होगा।”


कभी किसी सदुकी या फिर फरीसी ने लोगो को परमेश्वर के विश्वास के विषय में और विश्वास से प्राप्त करने के विषय में इस प्रकार नही सिखाया। कई लोग उसके संदेश से सम्मोहित हो चुके थे, क्योंकि उसका संदेश उनके हृदय में परमेश्वर के लिए विश्वास को प्रेरित करता था। पहले उनका ऐसा विश्वास था कि परमेश्वर केवल उन्हें ही आशीष देता है जिसको वह चाहता है। उनको ऐसा लगता था कि परमेश्वर उनके बारें में ख्याल नहीं करता। मगर यीशु ने सीखाया कि परमेश्वर बिना किसी शर्त के सभी से प्रेम करता है, और उससे ग्रहण करने के लिए केवल एक ही चिज की जरूरत है, वह है विश्वासः “…विश्वास करनेवाले के लिए सब कुछ हो सकता है”(मरकुस 9ः23)।


जैसे जैसे लोगो ने उसे दुष्ट आत्मा निकालते, अंधो की आँखें खोलते, बहरो को ठिक करते, और यहाँ तक की मुर्दो को भी अपने अद्भुद अधिकार से जिंदा करते देखा, तो वे पिता के प्रेम को जो उनके प्रति थी समझने लगे। बाइबल बताती है कि जब उन्होंने उसके द्वारा चम्तकार देखे, तो उसके नाम विश्वास किया(यूहन्ना 2ः23)। यीशु के संदेश के द्वारा अब उनके लिए यह संभव हो गया था की जिस परमेश्वर को वह शारिरिक रूप से नहीं देख सकते थे, अब वे उस परमेश्वर से जुड़ सके। उसने अपने संदेश के द्वारा पिता को उनको ऊपर प्रकट किया।


उसी संदेश को प्रचार करने के लिए उसने हमें पुरे संसार में भेजा है। उसने यूहन्ना 20ः21 में कहा, “…जैसा पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूँ”। अगर आज आप किसी ऐसे स्थिति का सामना कर रहे है, जो आपके समाधान को चुनौती दे रही हो, तो आप चम्तकार के लिए परमेश्वर पर भरोसा कर सकते है। इससे कोई फ्रक नहीं पड़ता की चुनौती कौन सी है; केवल विश्वास करें! फिर चाहें आपकी र्गभ बंद हो, या फिर आपके शरीर में मृत्यु हो, या फिर आपका मरा हुआ व्यवसाय हो या फिर कोई दुसरी समष्या हो। वह एक ऐसा परमेश्वर है, जो मरे हुओ को जीवित करता है! वह मरें हुओ को जीवन देता है, और आपकी स्थिति में भी जीवन दे सकता है।


उसके संदेश पर विश्वास करें और अपनी परिस्थिति में उसे कार्य करने का मौका दे! मुझे विश्वास है, ऐसा कर के आप निराश नहीं होंगे बल्कि अपने परिस्थिति में परमेश्वर के जीवन को प्राप्त करेंगे।

प्रार्थना और घोषणा

प्यारे पिता, आप महिमा के परमेश्वर है। आपकी महिमा, महानता, आपका प्रेम और आपकी दया के लिए, मैं आपकी आराधना करता हूँ। मुझे मसीह में विजयी और महिमित जीवन देने के लिए आपको धन्यवाद; मैं हमेशा के लिए यीशु के नाम से विजय हूँ। आमीन!