कोई चिंता नहीं

अगर आपको इस बात का पता चल जाए कि परमेश्वर ने आपको कितनी आशीष दी है और आपके लिए सभी प्रकार की चिजों का प्रबंध कर दिया गया है, तो आप प्रत्येक दिन कैसे जीवन बीताऐं ? क्या आप किसी बात की चिंता करेंगे ? मुझे पता है कि आप नहीं करेगे ! मेरा मतलब है कि आपके पास सबकुछ है, आप सभी चिजों का आंनद ले रहे है, जो परमेश्वर ने आपके लिए जुटाया है। आप सच में इस संसार के किसी भी बातों के लिए चिंता नही करेंगे !


मगर क्या आपको पता है कि आपको इस संसार में कैसे जीना चाहिए ? आपके पास किसी भी प्रकार की चिंता नहीं होनी चाहिए क्योंकि परमेश्वर ने सच में आपको हरेक चिजों से आशीषित किया है। परमेश्वर ने आपको हरेक संशाधन चाहें फिर वह आत्मिक या फिर शारिरिक हो जुटा दी है। जिनके पास यह विवेक नहीं है, वे ही लोग अपने जीवन में परेशान और चिंतित होते है।


प्रभु यीशु ने मत्ती 6:25 यह कहा, “इसलिये मैं तुम से कहता हूँ कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएँगे और क्या पीएँगे; और न अपने शरीर के लिए कि क्या पहिनेंगे…” यह आपके चिंता मुक्त जीवन जीने की कुंजी है। इस वचन को मत्ती 6:32 में पढ़ें कैसे वह इस विषय पर और भी विस्तार से बताता हैः “…तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है कि तुम्हें इन सब वस्तुओं की आवश्यकता है”। यह कितना अद्भुत है।


आपके जन्म से पहले ही उसे पता था कि आपकी जरूरते क्या क्या होंगी, और प्रेम में उसने आपके मांगने के विश्वास आने से पहले ही, उन्हें यीशु में आपके लिए प्रबंध करा दी। वह 1 कुरिन्थियों 3:21 में कहता है कि “…सबकुछ तुम्हारा है।” यही कारण है कि दाऊद कह सकता था कि “यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होंगी”(भजन 23:1)


अपने जीवन में चिंता करने से ईन्कार कर दे। इसका प्रयास आपको लगातार करना पडे़गा। परमेश्वर पर और उसके कार्य पर जिसके द्वारा उसने यीशु में आपके लिए सबकुछ प्रबंध कराया है, भरोसा रखें।चिंता करने के बजाए, जो आपकी स्थिति बदल नहीं सकती, अपनी निवेदन परमेश्वर के पास, धन्यवाद के साथ पहुचाना सीखें।


आशीष के जीवन को चुनना और चिंता को इन्कार करना सिखें। आपके लिए जो दरवाजें आपके लिए खुलेंगी उसको देखकर आप चकित हो जाऐंगे। आपके जीवन में परमेश्वर की आशीष हमेशा के लिए बहना शुरू कर देगी।

प्रार्थना और घोषणा


मेरे पास जीवन और भक्ति से संबधित हरेक वस्तु है। मेरा मन उसके वचन और उसकी ओर है, इसलिए परमेश्वर की आशीष मसीह यीशु में मुझ में बिना रूकावट मुझ में बह रहीं है। आमीन !