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मांस और लहू, आलौकिक सेहत का रहष्य!

  • August 29, 2020
  • 2 Comments
मत्ती 26:26

"...यह लो; यह मेरा शरीर है।"

क्या आप कभी कल्पना कर सकते है कि क्या हमारा प्रभु इस पृथ्वी पर बीमार और कमजोर चला होगा? कभी भी नही! हमारा यीशु इस पृथ्वी पर कभी बीमार नहीं पड़ा! वह तो पुर्ण रूप से सेहतमंद और ज्वलनशील था। जब उसने कहा कि, ”यह लो; यह मेरा शरीर है…”, तो उसके चेले इसके अर्थ की कल्पना कर सकते थे। उन्होने बहुत से रोगो को यीशु के स्पर्श से चंगे होते देखा था। उन्होने बिना हाथ और पाव के लोगो को यीशु के शरीर को छुकर चंगे होते देखा था।


यहाँ तक की उसके कपड़े भी सेहत से भरपूर थी! एक महिला जो 12 साल से लहू बहने के बीमारी से ग्रस्त थी; जिसे कोई वैध ठिक नही कर पाया, जब उसने यीशु के कपड़े को छुआ तो वह उसी घड़ी चंगी हो गयी। अगर उसके कपड़े का छोड़ मे भी सेहत, बल, और दैविय उपस्थ्तिि थी, तो उसके शरीर मे यह कितना होगा!

परमेश्वर का वचन कहता हैः “…जितने उसे छूते सब चंगे हो जाते थे” (मरकुस 6ः56), क्योंकि “उसमें से सामथ्र्य निकलकर सबको चंगा करती थी” (लुका 6:19)। यह कितना अद्भूद वचन है! परमेश्वर का वचन कहता है कि लोग बीमार लोगो को रास्ते के किनारे लेटा देते थे, और यीशु वहा से गुजरता और उन्हे छुकर चंगा करता जाता। वह जाता और जिसे छुता लोग चंगे हो जाते।
तो उस रात, जब उसने कहा, “यह लो; यह मेरा शरीर है”, और जब उसने रोटी तोड़ कर उन्हे दी, उसके चेलो को उसका अर्थ बिलकुल पता था। उन्हे पता था कि परमेश्वर की सेहत उनके शरीर में राज्य करने वाली है।


जब आप प्रभु भोज में भाग लेते है, तो आपको अपनें अंदर यही विश्वास रखना है। यह कोई धार्मिक संस्कार या प्रतिकात्मक क्रिया मात्र नही थी। अपने दिमाग को इस संसार के प्रकाशनों को प्रकट न करने दे। यह कहने न दे कि ”यह तो केवल ईसाई लोगो की पंरपरा मात्र है। तुम कैसे इन बातों में विश्वास कर सकते हो? नहीं! विश्वास करें कि उसका शरीर सच में खाने की चिज है (युहन्ना 6ः55)। और फिर खुद से चम्तकार अपने जीवन में देखे!


आपको विश्वास करना ही होगा कि वह सच में स्वर्ग से उतरी हुई रोटी है जिसने आपके कैंसर,हृदय रोग और मधुमेह जैसे बीमारी को ले लिया, ताकी आप उसके आलौकिक सेंहतमंद जीवन को जी सके! जब आप उसके शरीर को इस प्रकाशन को प्राप्त करते हुए खाऐंगे, तो आप उसके सेहत और भरपुरी को अपने जीवन मे देख सकेंगे!

Comments (2)

2 thoughts on “मांस और लहू, आलौकिक सेहत का रहष्य!”

  1. Yeshu Masih ka sharir khane ki chij hai ham vishwas karte hai….. Glory To God

  2. धन्यवाद करते हैं प्रभु यीशु को कि उन्होंने अपना शरीर दिया उस शरीर के द्वारा हम हर एक वह चंगाई को प्राप्त करते हैं जो प्रभु यीशु के लहू से व शरीर के द्वारा मिलती है क्योंकि जब यीशु के शरीर में कोई भी बीमारी न थी उसी शरीर को हम ग्रहण करते हैं तो हमारे जीवन में भी कोई बीमारी नहीं रहने पाएंगे क्योंकि इस शरीर में वही यीशु की सामर्थ है वही लहू है तो हमारे जीवन में भी अंधकार की कोई शक्ति कार्य नहीं कर सकती क्योंकि प्रभु भोज के द्वारा हम वह सामर्थ्य और वह ताकत पाते हैं यीशु की जो उन्होंने हमारे शरीर में दी हैं प्रभु भोज एक प्रसाद नहीं है वह परमेश्वर की दि हुवी एक सामर्थ है। ( आमीन। )

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