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मसीह में हमेशा जय

  • November 3, 2020
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2कुरिन्थियों 2:14

"परमेश्वर का धन्यवाद हो जो मसीह में सदा हमको जय केे उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान की सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।"

परमेश्वर की यह योजना है कि मसीह यीशु में आप हमेशा जय पाए। यह शब्द “जय के उत्सव” का मतलब केवल विजय पाना नही परन्तु महान और महत्वपुर्ण विजय है। एक ऐसा विजय जो ध्यान आकर्शित करें। इसका मतलब प्रबल होना भी है। यह मुशकिलों और सघंर्ष की समाप्ति है।


उपर जो हमनें पद् पढें है उसमें कुछ विशेष बातें ध्यान के योग्य है। जैसे कि यह वाक्य देखेंः “मसीह में सदा हमको जय केे उत्सव में लिये फिरता है।” इसलिये यह परमेश्वर की ईच्छा है कि आप हमेशा ही विजय में जीए और ना की कभी कभी। यह मसीह में आपकी विरासत है। इससे फ्रक नही पड़ता की आप कहा है या फिर कौन सी मुसीबत आपके पीछे पड़ी है, आप हमेशा ही विजय हासिल करेंगे।

मसीह में हम विजय होने के लिए प्रार्थना नहीं कर सकते। यह तो हमारी विरासत है, यही हमारा जीवन है! हमारा जीवन हरेक जगह और हर बातों में विजय होने के लिए दिया गया है। यही तो वचन भी बताता हैः “परमेश्वर का धन्यवाद हो जो मसीह में सदा हमको जय केे उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान की सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।”

यह कितना अद्भुत है! वह अपने ज्ञान का सुगन्ध हमारे द्वारा कही कही नही पर हरेक जगह फेलाता है। हमारे जीवन के सारे क्षेत्र इसी में आ जाती है चाहे फिर वह शारीरिक, भुगौलिक, या फिर आत्मिक क्षेत्र क्यों ना हो। आप हमेशा ही, हरेक जगह भी और हरेक बातों में भी विजय है। इसकी घोषणा परमेश्वर ने कर दी है इसलिए आप विजय है।

होने दें की आपकी आत्मा इस सच्चाई को जाने और आप इसमें जिने लगे। आप मसीह यीशु में विजय है: हमेशा विजय हासील करनेवाले! अपनें अंदर यही विवेक रहे।

प्रार्थना और घोषणा

पिता, मुझे मसीह में हमेशा विजय के उत्सव में लेकर जाने के लिए आपको धन्यवाद! चाहे मैं कोई भी परिस्थ्तिि में क्यों ना रहूँ मैं हमेंशा ही विजय होऊँगा! मै हमेशा ही आगे बढता जाता हूँ और स्वास्थ्य,भरपुरी और आशिषित जीवन जीता हूँ। प्रभु यीशु के नाम से…आमीन!

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