DONATE

“मसीह” आपका चम्तकार और ज्ञान

  • October 14, 2020
  • 0 Comments
1 कुरिन्थियो 1ः24

"...जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उनके निकट मसीह परमेश्वर की सामथ्र्य, और परमेश्वर का ज्ञान है।"

आज लोग दो चिजों के पिछे भागते हैः चिन्ह चम्तकार और ज्ञान। बाइबल के समय भी ऐसा ही था। पौलुस इस बात को कहता है, “यहूदी तो चिन्ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं”-(1 कुरिन्थियों 1ः22)।

तो जब पौलुस ने परमेश्वर के प्रबंध के तौर पर यीशु के बलिदान का प्रचार किया, तो वह संदेश “यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और यूनानीयों के निकट मूर्खता थी”-(1कुरिन्थियों 1ः23)। वे इस बात को नहीं समझ पाऐं की कैसे यीशु की मुत्यु का प्रकाशन उनको चम्तकार और बुद्धि और ज्ञान प्रदान कर सकती है।

प्रियों आज हमें चम्तकार और ज्ञान के पिछे दौड़ने की जरूरत नहीं है। हमें तो केवल यीशु के पिछे दौड़ने की जरूरत है क्योंकि वही “परमेश्वर की सामथ्र्य और परमेश्वर की बुद्धि है”। हम जितना मसीह को और उसके क्रुस के बलिदान को समझेंगे, उतना ही हमारे पास उसकी सामथ्र्य और ज्ञान होगी।

यदि आप कर्ज के शिकार है, तो जाने मसीह के पास वह सामथ्र्य है कि वह आपको आपके कर्ज से आजादी दे सके। और क्योंकि मसीह परमेश्वर की बुद्धि है, तो वह आपको यह भी दिखाऐगा की आपने कहा गलती की है और वह आपको सीखाऐगा की कैसे आप कर्ज से आजाद रहे!


मुझे एक और उदाहरण आपको देने दे। मान ले की एक वयक्ति है, जिसकी पत्नि ने उसे छोड़ दिया है, जो अब साहयता के लिए यीशु के पास आता है और चाहता है कि यीशु उसके पत्नि को वापस ले दे। यीशु जो परमेश्वर की सामथ्र्य है, चमत्कारिक रूप से उसके पत्नि को वापस ले देता है। लेकिन क्योकिं यीशु परमेश्वर की बुद्धि भी है, तो वह उस पति को यह भी बताएगा की उससे कहा गलती हुयी है और यह भी सिखाऐंगा की कैसे अपनी पत्नि के साथ अपने संबध को मजबुत रखें। अगर वह पति के पास बुद्धि नही हो तो जल्द ही वह संबध फिर से टुट जाएगा। और यही बहुत से लोगो के उनके चंगाई, संबध और धन के साथ हो रहा है। अगर हमारे पास चमत्कार और ज्ञान दोनो हो, तो हमारी जंदगी हमेशा ऊपर की ओर छलांग लगाएगी!


प्रियों, मसीह हमारे लिए सामथ्र्य और बुद्धि दोनो है। परमेश्वर के सामथ्र्य होने के नाते वह हमारी रूकावटों को दुर करता है और परमेश्वर की बुद्धि होने के कारण वह हमारी अगुवाई हमेशा करता है!

प्रार्थना और घोषणा

पिता मैं आपको धन्यवाद देता हूँ की आपने मुझे यीशु में न केवल चम्तकार दिया मगर बुद्धि और ज्ञान दोनो प्रदान किया है! मैं न चत्मकार के बिना हूँ और ना ही बुद्धि और ज्ञान के बिना। मेरे पास चम्तकार भी है और बुद्धि और ज्ञान भी है! मैं अपने जीवन के हरेक पल में उसके बुद्धि और ज्ञान का प्रयोग करता हूँ। मेरा जीवन परमेश्वर के चम्तकार से भरा हुआ हैं! यीशु के नाम से, आमीन!

Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Leave Your Comment