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परमेश्वर की ज्योति बनाम आपकी समझ

  • August 31, 2020
  • 3 Comments
1यूहन्ना 1:7

"पर यदि जैवा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते है; और उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।"

ज्योति में चलना मतलब परमेश्वर के वचन ज्योति मे चलना। अगर आप ज्योति मे नहीं चल रहे है, तो आपका कोई सहभागिता नही है क्योंकि ज्योति अधंकार के के विरोध में है।


उदाहरण के तौर पर, नए प्राणी के रूप में हमें धर्मी बना दिया गया है। अब आपको उस धार्मिकता मे चलना चाहिए। आप प्रभु यीशु मसीह मे परमेश्वर की धार्मिकता बन चुके है(2 कुरन्थियों 5:21)। अब आपको अपनी धार्मिकता के ज्योति में चलना चाहिए। अपनी धार्मिकता के ज्योति में चलने का अर्थ है कि जो परमेश्वर सोचता है आप उस पर चलते है; धार्मिकता के बारें में उसका प्रकाश।


धार्मिकता के बारें में उसका प्रकाश, परमेश्वर का वरदान है जो उनके ऊपर दिया गया है जो लोग अपना विश्वास प्रभु यीशु पर रखते है। इसलिए आप कह सकते है कि “स्र्वगीय पिता, मैं आपके ज्योति मे निवास करता हूँ; धार्मिकता हरेक के लिए एक वरदान है जो यीशु पर विश्वास करते है।; इसलिए मेरे पास वह वरदान है, प्रभु यीशु के नाम से! मैं अब धर्मी हूँ! इसे कहते है उसके ज्योति में चलना।


तब भी एक शारीरिक वयक्ति अपने समझ से चलता है। ऐसा वयक्ति कहता है, “मुझे लगता नहीं है कि आज परमेश्वर मेरे साथ; मेरी प्रार्थना तो मेरे छत से ऊपर भी नहीं गयी है। पिता, मेरी प्रार्थना सुने; मै संघर्ष कर रहा हूँ।” क्या आप देख रहे है? यह वयक्ति परमेश्वर के वचन के विरूध में यह नहीं जानते हूए बाते कर रहा है, कि परमेश्वर का वचन कहता है कि जो परमेश्वर के विश्राम में प्रेवश कर चुके है वे संघर्षो से बचाए गए है( इब्रानियों 4:10)। इस प्रकार के वयक्ति लोग अपने जीवन का अर्थ अपने भावनाओं से पता करते है। मगर परमेश्वर का वचन आपके भावनाओं पर निर्भर नही है।


नया जन्म पाने का अर्थ है, आप शारीरिक नहीं है; “…जो शारीरिक दशा में है, वे परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर सकते है” (रोमियो 8:8)। आपको अब आत्मा में चलना है न कि अपने भावनाओं में। रोमियों 8:13 कहता है कि “क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रीयाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।” यह हमारे शारीरिक मृत्यु के बारें में बात नही कर रहा है। यह आत्मिक मृत्यु है। इसका मतलब है कि आप परमेश्वर से अलग हो जाऐंगे; आप अपने अंदर संर्घष करेंगे। मगर यदि आप परमेश्वर के ज्योति और उसके वचन में चलेंगे, तो आप एक राजा के समान जीऐंगे!

Comments (3)

3 thoughts on “परमेश्वर की ज्योति बनाम आपकी समझ”

  1. धन्यवाद पिता परमेश्वर धन्यवाद प्रभु यीशु परमेश्वर ने हमें जो ज्योति दी है हमें उसी ज्योति में चलना है क्योंकि हमें ज्योति के प्रकाशन के द्वारा एक रास्ता दिखाएं आपको परमेशर के पास जाने का रास्ता दिखाया है ताकि हम परमेश्वर के पास जा सके उनकी इच्छाओं पर चलकर जो प्रभु यीशु के लहू के द्वारा हमें वो रास्ता मिला है वहीं परमेश्वर के वचनों में चलते जाएं और उसकी सामर्थ्य और अनुग्रह में जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार जो कार्य हैं वह करते जाएं इसीलिए हमें ज्योति में चलना है। ( आमीन। )

  2. Prabhu aap ko dyanvad yeshu ky name me Hume Jo Jyoti de Hume use me chalna chai yeshu ke name m amen

  3. Dhanyavad Pita Parmeshwar Dhanyavad Prabhu Yeshu Parmeshwar Ne Hamen Jo Jyoti Di Hai Hamen Usi Jyoti Mein chalna hai
    Kyunki Hamen Jyoti ke Prakash ke dwara
    Ek Rasta dikhaya hai Taki Ham Parmeshwar ke pass Ja sake
    Amen Amen HALLELUYA thank you pastor ji

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