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जीवित और प्रबल वचन

  • July 27, 2021
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इब्रानियों 4:12

"क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है और प्राण और आत्मा को, आग्र गाँठ-गाँठ और गूदे-गूदे को अलग करके आर-पर छेदता है और मन की भावनाओं और विचारों को जाँचता है।"

परमेश्वर का वचन हमें बताता है कि परमेश्वर का वचन मृत्यु के विपरित है- यह जीवित और प्रबल है। यही कारण है कि जब यीशु बीज बोंने वाले का दृष्ंटात दे रहा था, तो उसने कहा कि जब बीज बोंने वाले वचन बोया, “…तो शैतान तुरन्त आकर वचन को जो उनमें बोया गया था, उठा ले जाता है” (मरकुस 4:15)।

क्या आपने इस पर ध्यान दिया ? शत्रु तुरन्त आता है ! यहाँ पर यीशु मार्ग के किनारें बोये गए बीज के बारें में बात कर रहे है। लेकिन मैं चाहता हूँ कि आप इस सिंध्दात को समझे कि आपका शत्रु आपके अंदर से वचन का बीज चुराना चाहता है, क्योंकि वह नहीं चाहता है कि आप विश्वास करें और बचाऐं जाए।

शैतान को पता है कि जिस समय आप परमेश्वर के वचन पर भरोसा करते है, आप बचाए जाते है। यही कारण है कि वह सबकुछ करने को तैयार है कि आपके अंदर परमेश्वर का वचन जड़ न पकडे़ ! डसको पता है कि अगर आप परमेश्वर के वचन पर लम्बें समय तक बनें रहेंगे तो आपकी जीत और उसकी हार होगी !

जो शब्द उद्धार के लिए युनानी भाषा में इस्तेमाल किया गया है कि वह शब्द “सोजो” है। जिसका अर्थ, “दर्द से बचाया जाना, बर्बाद होने से बचाया जाना” हैं । उदाहरण के लिए, एक वयक्ति जो बीमारी से ग्रस्ति है, उसको ठिक करने के लिए, उसकी सेहत को पुनःस्थापित करना।

शत्रु को परमेश्वर के वचन का सामथ्र्य का ज्ञान है। क्या आपको यह ज्ञान है ?

हो सकता है कि जिस चंगाई के लिए आप विश्वास कर रहे हों वह आपको तत्काल न दिखें, विश्वास करना सीखें की वह आपके उपर प्रकट होने पर है। अगर आप चंगाई के ईन्तेजार में निराश हो रहे है, तो परमेश्वर की प्रतिज्ञा को आपके जीवन में सामथ्र्य देने देः

“जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहाँ यों ही लौट नहीं जाते, वरन् भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है, उसी प्रकार मेरा वपनच भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।”– यशायाह 55:10-11

परमेश्वर का चंगाई का वचन इतना सामथ्र्यशाली है कि वह बिना कार्य किए वापस नहीं लौटेगा, उसे जिस कार्य के लिए आपके जीवन में भेजा गया है, वह उसे पुरा करेगा। हो सकता है कि आप प्रभु भोज में शामिल हुए होंगे और आपने आपने प्रार्थना की होगी मगर कुछ होता नजर न आ रहा हों। हो सकता हो की आपको लगें की आप केवल एक उतार चढाव से होकर गुजर रहे है और कुछ जीवन में कुछ प्रकट होता नजर नही आ रहा है। ऐसे हालात में आप क्या करेंगे ?
परमेश्वर के वचन को उसके वचन के बारीश से पानी देेते रहे। हार न मानें। आपके कटनी का समय निकट आ रहा है !


प्रार्थना और धन्यवाद


पिता, आपके वचन के लिए धन्यवाद ! आपके वचन से मैंने जीवन पाया है। परमेश्वर का वचन मुझ में दिन -रात कार्य करता है। मैं उसके वचन के द्वारा ही विजय होता हूँ। परमेश्वर का जीवित और प्रबल वचन मेरे शरीर के हरेक अंगो में यीशु की चंगाई और उसके दैविक सेहत को लेकर आती है। आमीन !

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