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उसे आपकी जरूरत है!

  • June 11, 2020
  • 5 Comments
भजन संहिता 115:16

"स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उसने मनुष्यों को दी है।"

अगर आपके पास घर है और आपने उस घर को किराये पर दिया है तों वह घर आपकी रहेगी मगर उस पर किराये के समय तक के लिए आपका अधिकार नही रहेगा। जिसका मतलब यह होता है कि आप उस घर को नही चला सकते क्योंकि आपने उस घर पर किसी और को अधिकार दे रखा है।किरायेनामें के अनुसार उस घर को चलाने का अधिकार संपुर्ण तरिके से किरायेदार को होता है।

उसी तरिके से परमेश्वर ने इस संसार को मनुष्य के हाथ सौप दिया कि वह इसे चलाए। वह इस संसार को अकेला नही चला सकता क्योंकि उसने इसका अधिकार आप को दे रखा है। उसका समय आएगा जब वह आकर इस संसार को चलाएगा मगर जब तक वह वापस नही आता उसने यह जिम्मेदारी आप को और मुझे दे रखी है।और वह इस बात का पूरा लेखा हमसे लेगा कि हमने इस काम को कितने बेहतर तरिके से किया है।

बहुत सारे लोग यहा तक की मसीह लोग भी यह सोचने में लगे हुए है कि इस संसार में बहुत सारी बुराईया हो रही है आखीर परमेश्वर उन्हे रोकता क्यों नही ताकी सब कुछ अच्छा हो जाए? अगर आप अब भी परमेश्वर का ईन्तेजार कर रहे है कि वह आकर सब कुछ ठिक करेगा तो आप गलती कर रहे है। उसे आपकी जरूरत है। वह कुछ नही कर रहा है और आपके बिना कुछ करेगा भी नही, जब तक कि वह किरायानामा खत्म ना हो जाए और वह नया स्वर्ग और पृथ्वी ना आ जाए। पर जब तक यह हो नही जाता इस संसार की जिम्मेदारी आपकी और मेरी है।

जरा इसे ऐसे देखेः परमेश्वर चाहता कि हम सब भले-चंगे रहे और उसकी ईच्छा हमें उसके वचन से पता चलती है 3 युहन्ना 1:2 “हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है कि जैसे तू आत्मिक उन्नति कर रहा है, वैसे ही तू सब बातों में उन्नति करे औ भला-चंगा रहे“ । तब भी वह याकुब 5:16 में कहता है“ इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के सामने अपने-अपने पापों को मान लो, और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओः धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है“।

ऐसा क्यों? वह क्यों चाहता है कि हम एक दुसरें के लिए प्रार्थना करें? वह क्यों नही हमें खुद ही चंगाई दे देता है। ऐसा इसलिऐ क्योंकि ऐसा करने के लिए उसने हमें अधिकार दे रखा है औरकिराये नामें के अनुसार हम इस पृथ्वी को आशिष देने वाले लोग है। इसलिए अपने स्थान को मसीह यीशु के संगी वारीस होने के नाते लेले और अपने उदेश्य को इस पृथ्वी पर पूरी करें। इस पद को पढ़े रोमियों 8:19-21 “क्यों कि सृष्टि बड़ी आशा भरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है। क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर अधीन करने वाले की ओर से, व्यर्थता के अधीन इस आशा से की गई कि सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी“। उसे आपकी जरूरत है!

Comments (5)

5 thoughts on “उसे आपकी जरूरत है!”

  1. Hume yek dusre ki bahutayt se jarurt h hum sabhi parmeswar ke bina adhure h 👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌🙏💞

  2. परमेश्वर कि महिमा हो🙌🙌🙌🙌🙌🙌 धन्यवाद पिता जी आपको सुन्दर वचन देने के लिए 😇

  3. Sach prabhu ne prathvi ke logo ko badalne ki zimewari hame sopi h. Amen

  4. 👌👌👌👌👍👍👍prathvi k logo ko uddhaar ka Sandesh sunane ki zimewari hamari h. Amen…

  5. Wonderful teaching, परमेश्वर कि महिमा हो🙌🙌🙌🙌🙌 धन्यवाद पिता जी आपको सुन्दर वचन के लिए 🙏

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