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उसके वचन को पकड़ ले!

  • September 2, 2020
  • 3 Comments
यशायाह 55:11

"उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा"

मरकुस 7 हमें एक महिला की कहानी मिलती है, जिसकी बेटी में दुष्ट आत्मा होती है। वह महिला यीशु के पास आकर उससे विनती करती है कि वह उसकी बेटी को चंगा करें, मगर प्रभु उसे कोई जवाब नहीं देता है। लेकिन वह महिला लगातार तब तक विनती करती रहती है जब तक की उसके चेले शर्म के कारण, प्रभु से विनती करते है कि उसे वहा से भेज दे। तब यीशु उस महिला से कहते है, “…पहिले लड़कों को तृप्त होने दे, क्योंकि लड़को की रोटी लेकर कुत्तों के आगे डालना उचित नहीं है।”(मरकुस 7:24)। इस उत्तर को पाने के बाद उस महिला ने कहा, “…सच है प्रभु; तौभी कुत्ते भी तो मेज के नीचे बालकों की रोटी का चुर चार खा लेते हैं”(मरकुस 7:28)। उस महिला में महान विश्वास था, जिसके कारण यीशु ने कहा, “…इस बात के कारण चली जा; दुष्ट आत्मा तेरेी बेटी में से निकल गई है”(मरकुस 7:29)।


यहा एक बात ध्यान दें! यहा पर यीशु ने शैतान से बातें नहीं की, उसने यह नहीं कहा कि “शैतान, इस लड़की में से निकल जा!” बल्कि, उसने महिला से बात करते हुए यह कहा कि “दुष्ट आत्मा तेरी बेटी में से निकल गई है।” वही तो उस महिला को चाहिए था- प्रभु के तरफ से वचन- और उस महिला ने उस वचन को विश्वास से पकड़ लिया।


ऐसी ही कहानी उस पुरूष की भी है जिसका बेटा मरने पर था। उसने आकर यीशु से बात की और प्रभु ने उससे कहा, “जा तेरा पुत्र जीवित है…” बाइबल बताती है, “…उस मनुष्य ने यीशु की कही हुई बात की प्रतीति की और चला गया”(यूहन्ना 4:50)। इसी को विश्वास कहते है; उसने प्रभु के वचन पर विश्वास किया और चमत्कार पाने के आशा से चला गया, रास्ते में उसकी मुलाकात उसके दासो से हुई और उसके दासों ने उसको यह समाचार दिया, “…तेरा लड़का जीवित है”(यूहन्ना 4:51)। बाइबल बताती है कि “उस ने उन से पूछा कि किस घड़ी वह अच्छा होने लगा उन्होंने उस से कहा, कल सातवें घण्टे में उसका ज्वर उतर गया”(यूहन्ना 4:52)। उस समय उस मनुष्य को पता चला कि यह चमत्कार उसी समय हुआ जब यीशु ने चंगाई के वचन को कहा था।


आपको अपने कठिन परिस्थिति से निकलने के लिए केवल परमेश्वर के द्वारा वचन की जरूरत हैः उस वचन को खोजे जो परमेश्वर ने आपके परिस्थिति के लिए कही है और उसको विश्वास के साथ पकड़े रहे। जब आप अपने विश्वास का प्रयोग वचन पर करते है, यह आपके लिए और आप में परिणाम लाता है- फिर आपके पास अवश्य ही गवाही होगी!

प्रार्थना और घोषणा

पिता, मैं आपके वचन पर आनन्दिंत हूँ जो मेरे वश्वास को मजबूत और मेरे कार्य को प्रभावित बना रहा है। आपका वचन ही मेरे लिए जीवन है और वह प्रकाश है जो मुझे दिन-प्रतिदिन विजय, समृद्धि और सफलता के मार्ग पर चलने का मार्ग दिखाता है। यीशु के नाम से, आमीन!

Comments (3)

3 thoughts on “उसके वचन को पकड़ ले!”

  1. Hame apne kathin paristhiti me bhi. Prabhu ke Vachan par vishwas karna hai … parmeshwar ki mahima ho

  2. धन्यवाद करते हैं पिता परमेश्वर को और प्रभु यीशु को प्रभु ने जो हमें वचन और जो अनुग्रह दिया है उसको हम पकड़े हुए रहना है और परमेश्वर के अद्भुत कार्य के द्वारा उसकी महिमा देखें। हालेलुया अमिन

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