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आप इस जगत की ज्योति है

  • September 5, 2020
  • 2 Comments
1थिस्सलुनीकियो 5:5

"क्योंकि तुम सब ज्योति की सन्तान और दिन की सन्तान हो; हम न रात के हैं, न अन्धकार के है।"

ऊपर के वचन में, आत्मा ने पौलुस प्रेरित के द्वारा लिखते हुए मसीही को संबोधित किया; आज यह वचन आपसे बाते कर रहा है, और वह आपको परिभाषित करने के लिए शब्दो में किसी भी प्रकार की कंजूसी नही कर रहा है। वह कहता है कि आप ज्योति है! आप परमेश्वर से जन्मे है, उसके वचन से, जो कि ज्योति है, तो आप भी ज्योति की संतान है।


आत्मा इफिसियो 5:8 में इसी विचार को दोहराता है। वचन बताता है, “क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, अतः ज्योति की सन्तान के समान चलो।” यह कितना रोचक है! यहा वचन यह नही कह रहा है कि आपक अंधकार में थे; यह कहता है कि आप अंधकार थे, किंतु, अब आप ज्योति है। इसका अर्थ है कि आप भी निर्भय होकर यीशु के समान घोषणा कर सकते है, “जब तक मैं इस संसार में हूँ, मैं इस संसार की ज्योति हूँ!”

ज्योति का काम प्रकाश देना है। आपके जीवन का भी एक बुलाहट है कि आप अपने जीवन से इस संसार को प्रकाशित करे। फिलिप्पियों 2:15 कहता है, “ ताकि तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान बने रहो, जिनके बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों के समान दिखाई देते हो।” ज्योति दिशा देती है, यह बताती है की लोगो को किस ओर जाना चाहिए। आप ही है जिसको विश्व को दिखाना है कि इस संसार में अंधकार के बावजूद कैसे जीना है, क्या करना है, और कैसे सफल होना है,


इस विश्व मे कितना अंधकार है इससे कोई फ्रक नही पड़ता है, आप वह आशा और समाधान है जिसकी जरूरत इस संसार को है। इस संसार की समष्या आपकी ज्योति करने और परमेश्वर की महिमा को प्रकट करने के अवसर है।


हरेक दिन उसकी प्रकाश के चेतना मे जीए!

प्रार्थना और घोषणा

मैं ज्योति की संतान हूँ। इसलिए मैं इस संसार को महिमा और सदगुणो के साथ प्रकाशित करते हुए जीता हूँ। मेरे द्वारा लोग महिमामय सुसमाचार को सुनते है और उसकी ज्योति को ग्रहण करते है। मैं इस संसार मे परमेश्वर की ज्योति हूँ। यीशु के नाम से, आमीन!

Comments (2)

2 thoughts on “आप इस जगत की ज्योति है”

  1. Hame andhakar me bhi jyoti ki santan bankar jina hai …….Amen hallelujah

  2. धन्यवाद करते हैं पिता परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं प्रभु को कि उन्होंने हमें ज्योति बनाया इस अंधकार से निकालकर हमें ज्योति की बनाए हैं और हमें इस ज्योति में ही चमकने की आशीष दी है और इस संसार में हम परमेश्वर के कार्य जो कर कर ज्योति के समान चमके।
    ( आमीन )

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