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आपके सेहत का कारण…

  • September 7, 2020
  • 2 Comments
नीतिवचन 4ः20-22

"हे मेरे पुत्र मेरे वचन ध्यान धरके सुन, और अपना कान मेरी बातों पर लगा। इन को अपनी आंखो की ओट न होने दे; वरन अपने मन में धारण कर। क्योंकि जिनको वे प्राप्त होती है, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं।"

परमेश्वर ने एक पक्का तरिका हमें दिया है जिसके की हम अपने समष्या और मुश्किलो का निवारण कर सके। वह तरिका परमेश्वर का वचन है। हरेक उत्तर या समाधन जो हमें चाहिए उसके वचन में है।


तब भी बहुत से मसीही लोग बहुत से श्रेत्र में विजय जीवन नहीं जी रहे है। क्योंकि शैतान उनके विरूध में युद्ध करता रहता है। शैतान लोगो को एक चिज से दुर ले गया है, जो लोगो को विजय दिला सकती है- वह वचन है। आपका शत्रु आप बाइबल न खोले, इसके लिए सबकुुछ करेगा। क्योंकि उसे पता है, जिस दिन आप ऐसा करने का आदत डालेंगे उसी दिन वचन आपको आजादी देना शुरू कर देगा

आपकी व्याकुलता बहुत ही छली हो सकती हैः जैसे की आपको बहुत काम करना है, आपका मनपंसद सारे टी वी प्रोगाम देखने है या फिर कोई ऐसी बड़ी बाते जिसकी तरफ आप अपना पुरा ध्यान लगाने लगते है। आपके शत्रु को पता है कि अगर वह आपके ध्यान को वचन से भटका दिया जाए तो वह आपको युद्ध जीतने से रोक सकता है।


हम में से बहुत लोगो को पता है कि बाइबल यह कहती है और वह कहती है मगर जब आप मुसीबत से होकर जाते है तो यह जानना काफी नहीं है कि परमेश्वर का उतर ”बाइबल में कहीं है”। उस वचन को खोजे जो परमेश्वर ने आपके समष्या के समाधान के लिए आपको दी है। तब तक मनन् करें जब तक की उस वचन की सच्चाई आपके सामने प्रकट न हो जाए। जब आप ऐसा करते है, तो कोई भी शैतान की शक्ति या फिर दुष्ट आत्मा परमेश्वर के वचन को आपके जीवन मंे फल लानें से नहीं रोक सकती है।

यहाँ तक की यीशु ने भी उजाड़ स्थान में शैतान को हराने के लिए वचन का प्रयोग किया- “…यह लिखा है, मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा” (मत्ती 4ः4)। अपने शत्रु को हराने का तरिका है “यह लिखा है…”।

मेरे प्रियों, परमेश्वर के लिखें हुए वचन का कोई भी दुसरा विकल्प नहीं है। परमेश्वर हमें कहता कि अगर हम उसके वचन को अपने ह्नदय के केंद्र में रखें तो उसका वचन हमारे लिए जीवन और सेहत होगा।


तो उसके वचन में डुब जाऐ और उसके प्रतिज्ञा को अपने अंदर बने रहने दें!

प्रार्थना और घोषणा

प्यारे पिता, आपको आपके वचन के लिए धन्यवाद, क्योंकि आपका वचन मेरे हड्डीयों के लिए सेहत और मेरे लिए जीवन है। आपकी हरेक प्रतिज्ञा मेरे लिए सत्य है। मुझे पता है कि परमेश्वर ने बाइबल मे मुझे कहा पर उतर दी है। मै हमेशा वचन के पिछे चलता हूँ न की अपनी समझ के पिछे। मै डरता नहीं हूँ क्योंकि मुझे पता है कि परमेश्वर का वचन मेरे जीवन में मुझे विजय देता है, यीशु के नाम से, आमीन

Comments (2)

2 thoughts on “आपके सेहत का कारण…”

  1. धन्यवाद करते हैं पिता परमेश्वर का धन्यवाद करते प्रभु यीशु को उनके वचन के द्वारा ही हमें आजादी व जीवन मिला है हमें उन के वचन मैं निर्धारित बना रहना चाहिए और उन्हें के वचन के पीछे चलना चाहिए ताकि हमारे जीवन में कोई भी परेशानियां न आने पाए यीशु के नाम से

  2. Thank you daddy aapka vachan hamare liye jivan aur seht hai aapke es mahan prem ko dhany kahte hai

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